वास्तु शास्त्र अनुसार घर कैसा हो.
वास्तु शास्त्र के अनुसार किस दिशा में क्या होना चाहिए ?
वास्तु शास्त्र अनुसार कौन-सी दिशा किस कोण को प्रदर्शित करती हैं ?
आइऐ जानते हैं,ऐसे विभिन्न प्रकार के प्रश्नों को इस लेख के माध्यम से..........
आगे बढ़ने से पहले यह जानना जरूरी हैं,कि किस दिशा को कौन-सा कोण कहते हैं,अधिक नहीं पर सामान्य दिशा का ज्ञान होना अति आवश्यक हैं।
1. वास्तु में उत्तर-पूर्व को ईशान कोण कहते हैं।
2. दक्षिण - पूर्व को आग्नेय कोण कहते हैं।
3. दक्षिण - पश्चिम को नैरूति या नैॠत्य कोण कहते हैं।
4. उत्तर - पश्चिम को वायव्य कोण कहते हैं।
अब जानेगे :-
1.वास्तु अनुसार पूजा घर - ईशान कोण,पूर्व,उत्तर
2.वास्तु अनुसार रसोई घर - आग्नेय कोण,वायव्य कोण
3.वास्तु अनुसार शयन कक्ष - नैॠत्य कोण,दक्षिण
4. वास्तु अनुसार युवा-युवती कक्ष - वायव्य कोण
5. वास्तु अनुसार मेहमान कक्ष - वायव्य कोण
6. वास्तु अनुसार अध्ययन कक्ष - उत्तर,ईशान कोण
7. वास्तु अनुसार स्नान कक्ष - पूर्व,उत्तर,पश्चिम
8. वास्तु अनुसार घूसडखाना - दक्षिण,पश्चिम
9.वास्तु अनुसार सोपान - नैॠत्य,दक्षिण,पश्चिम
10. वास्तु अनुसार नल,कूप,बोर - ईशान कोण
11. वास्तु अनुसार शौचालय टैंक - वायव्य कोण, आग्नेय कोण
12. वास्तु अनुसार भूमिगत जल टैंक - ईशान कोण
नोट:- अब यदि इन तथ्यों को ज्योतिष से जोड़ा जाये तो भिन्न-भिन्न भूमि स्वामी की राशियों के अनुसार भिन्न-भिन्न दिशा में उचित कक्ष बनायें जाते हैं।
लेख :- SRBS & GVM DESIGN's

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